Tuesday, 11 December 2012

पटवारियों को “आम व्यक्ति” का दर्जा देने बाबद।



प्रति
      माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी
      मध्यप्रदेश शासन, भोपाल।

विषय: पटवारियों को “आम व्यक्ति” का दर्जा देने बाबद।

महोदय जी,
      विषयांतर्गत निवेदन है कि म॰ प्र॰ शासन के राजस्व विभाग के अंतर्गत एक पटवारी नामक दैवीय कर्मचारी कार्यरत है। यह दैवीय कर्मचारी, म॰ प्र॰ भू-अभिलेख नियमावली भाग - एक के अध्याय दस – “पटवारी के विविध कर्तव्यों संबंधी नियम”, अध्याय ग्यारह – “पटवारियों के विविध कर्तव्यो के संबंध मे हिदायते(अनुदेश)”, एवं अध्याय बारह – “पटवारियों के ऐसे विविध कर्तव्यों के संबंध मे हिदायते जिनका नियमो मे स्पष्ट उल्लेख नहीं है” के तहत दिन – रात, 24x7, 365 दिन चमत्कारिक रूप से अपने कार्य संपादित करता रहता है। साथ ही साथ म॰ प्र॰ शासन एवं केंद्र शासन के अन्य विभागो द्वारा समय – समय पर दिये गये कार्य, जैसे – निर्वाचन, कृषि संगणना, जनगणना, लघु सिंचाई, फसल कटाई प्रयोग, गरीबी रेखा सर्वे, भू-राजस्व की वसूली, जाति-प्रमाण पत्र हेतु जांच प्रतिवेदन, विभिन्न अपराधिक प्रकरणो मे नज़री नक्शा बनाना, नसबंदी के कार्यो मे सहयोग इत्यादि, अपने दैवीय शक्तियों के प्रयोग द्वारा पटवारी नामक दैवीय कर्मचारी संपादित करता है। इसके अतिरिक्त पटवारी नामक दैवीय कर्मचारी, उपरोक्त चमत्कारिक कार्य अपने मूल पदस्थ हल्के के अतिरिक्त, प्रशासन के द्वारा उपहार स्वरूप प्राप्त अन्य हल्कों मे भी करता है, जिसके लिए उसे म॰ प्र॰ भू-अभिलेख नियमावली भाग – एक के अध्याय एक – “पटवारी प्रशिक्षण शाला” नियम 15॰(4) द्वारा विशेष वेतन रुपये 9/- प्रतिमाह कलेक्टर महोदय द्वारा दिये जाने के प्रावधान होने के बाद भी स्वीकार नहीं करता है। उपरोक्त चमत्कारिक कार्य एक अकेला पटवारी अपने दैवीय शक्तियों के प्रयोग से एक सामान्य से वेतन मे, महंगाई रूपी डायन से लड़ते हुए रिटायर या असमय मृत्यु होने से पूर्व तक करता रहता है, फिर भी वो कभी अपने आपको देवता नहीं बल्कि आम इंसान मानता है।    
     अतः आपसे अनुरोध है कि आप ऐसे पटवारी नामक दैवीय कर्मचारी को उसको इच्छा के अनुरूप एक आम व्यक्ति का दर्जा दिलाने कि कृपा करें।  

                                                      भवदीय
                                                      समस्त दैवीय पटवारी
  

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